A poem or shayari about a person want to write about his experiences in wall 

his belonging about friends and childhood.

कविता- दीवार- दिल की

लिखने दिल की दीवार में,

आज मैं सपने साथ लाया हूँ।

भरूंगा रंग अपने पसंद का,

साथ में पेंट और ब्रश लाया हूँ।

लिखूंगा यादें अपने बचपन की,

साथ में कापी कलम लाया हूँ।

करने बाते अपने यारों की,

साथ में समोसे गरम लाया हूँ।

दिन होंगे सुंदर अपने जीवन के,

साथ में सारे भरम लाया हूँ॥

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