Category: deshbhakti

दुनिया को खुश करने चले हो (आलोचना)

लगे हो दुनिया की भाग दौड में,कभी अपनों में समय बिताते क्यूं नहीं।लगे हो दुनिया को खुश करने में,अपनों का सुख दुख बटाते क्यूं नहीं॥ किये है कारनामें जीवन में…

उठो ज़वान

उठो जवान, लो कमान, आगे बढ़ते जाना है।चाहे जो बाधाये आये, उनसे न घबराना है ।।उठो जवान…..। देश की खातिर ही राणा ने भूख प्यास गवाई थी।देकर अपनी जान उसी…

तुमने वादा किया था

तुमने वादा किया था, लौटकर आऊंगा मैं। सहे जो दर्द है तुमने, हर कर्ज चुकाऊंगा मैं॥       लेकर हाथ, हाथों में अपने, इन रूखी कलाइयों में, खुशियां लाऊंगा…

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