Category: women

काश! – कश्मकश जिंदगी की (Kash! – Dilemma of Life)

राघव और प्रिया अपने रिश्ते में लम्बे साथ के बाद किन्ही कारणो या अविश्वास के कारण रिश्ता टूटने लगता है, तो तलाक़ के समय कोर्टरूम के बाहर पति-पत्नी के मन…

चार दिवारी- आज़ादी अभी बाकी है

मत रोको मेरे अरमानों को,आज मैं आसमां में उडना चाहती हूँ।मत रोको मेरे पायलों को बजने से,आज मैं खुलके दुनिया देखना चाहती हूँ॥ कोई रोको न, उडने दो बालों को…

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