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भाग -1 – https://abhirewadi.in/filmyrockers/
भाग -2 – https://abhirewadi.in/filmyrockers-2/

रिया राणा के बुलाये जाने पर रणवीर उसके घर के लिये निकला, लेकिन उसके मन में दुविधा थी कि कही फिर से वह उससे पिछ्ली बार के जैसे दुर्व्यवहार न करे। लगभग 11 बजे रणवीर रिया के घर पहुंचा। दरवाजे पर दरबान से रिया मैडम से मिलने की बात कही।
दरबान ने उसे बताया कि मैडम अभी थोडा व्यस्त है और कुछ देर से मिलेंगी। रणवीर को वही रखी मेज पर बैठाकर वह अपने काम में व्यस्त हो गया।

लगभग 2 बजने लगे थे लेकिन रिया का कुछ पता ही न था, दरबान भी कोई जानकारी नहीं दे रहा। अब तो लगने लगा, कि शायद उस दिन का बदला लेने के लिये रिया परेशान कर रही है। रणवीर ने घर जाने का मन बनाया और जाने लगा। घर से कुछ दूर निकला ही था कि पीछे दरबान दौडते हुये आवाज लगाई। शायद रिया ने मिलने बुलाया था। वह फिर रिया से मिलने हाल में गया। देखा तो हाल में रिया के साथ राणा साहब भी मौजूद थे।
राणा साहब- आओ यंगमैन यहाँ आओ।
रणवीर ने राणा साहब के पैर छुये और पास में खडा हो गया।
राणा साहब- क्या नाम है?
जी, रणवीर… रणवीर गुप्ता।
राणा साहब- कहाँ से हो?
रणवीर- कानपुर, उत्तर प्रदेश।
राणा साहब- पढाई कहाँ तक की है?
रणवीर- जी हायर सेकेण्डरी पास हूँ, कालेज में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
राणा साहब- वॉव! तो फिर आगे पढाई क्यू नहीं की? और फिर मुम्बई मे नौकरी?
रणवीर ने अपनी सारी कहानी उनको सुनाई।
राणा साहब- तुम्हारे पास कोई डिग्री नही है, कोई पहचान नहीं है तो तुम्हे कैसे नौकरी में रख लू।
रणवीर- पहचान! जी, पहचान ही तो बनाने आया हूँ और जब बन जाएगी तो फिर डिग्री की कोई जरूरत नहीं पडेगी।
राणा साहब ने रिया को कुछ इशारा किया, जैसे वो कह रहे हो कि उसने सही इंसान को चुना है। तब रिया मुस्कुराई और राणा साहब कोई बाय कह कर चली गई।

रिया के जाने के बाद राणा जी बताया कि जिस नौकरी के लिये रणवीर को बुलाया गया था। उसमे किसी और को नियुक्त किया जा चुका है, लेकिन उन्होने रणवीर को अपने जूहू में बने पैंट हाउस की रखवाली की नौकरी दे दी। बताया कि उसे वही रहना पडेगा और वेतन 20000/- (बीस हजार रुपये) मिलेगा। उसने बंगले का पता लिया और घर के निकल गया।

आज रणवीर बहुत खुश था, लाइफ की पहली नौकरी वो इतनी अच्छी कि 20000/- रुपये वेतन और रहने की भी व्यवस्था हो गई, वो भी चचा के उस कमरे लाख गुना बेहतर। वह बाज़ार से मिठाई लेकर चचा के पास गया और खुशखबरी सुनाई।

अगले सुबह रणवीर जल्दी उठकर उस पते पर निकल गया। वहाँ पहुच तो बंगला देखकर आखे खुली की खुली रह गई। अरे इतना मस्त बंगला, ऐसा तो सिर्फ फिल्मों में देखा था। अब तो उसमे रहने का भी मौका था। दरबान से चाभी लेकर वह अंदर गया, ओ तेरी क्या शानदार हाल इसमे तो पूरी बारात निपट जाये। वह अंदर गया और काउच पर लेट गया। तभी वहाँ फोन की घंटी सुनाई दी।
रणवीर- हेल्लो, कौन?
रिया- आखिर तुम वहाँ पहुंच ही गये, घर कैसा लगा।
रणवीर- शानदार, ऐसा तो मैने सपने में भी नहीं देखा था।
रिया- तो देखना भी मत। इस घर में तुम केवल केयरटेकर की हैसियत से काम कर रहे हो और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना। डैड को गंदगी बिलकुल पसंद नहीं है।
रणवीर- जी मैडम।
रिया- नो मैडम, काल मी रिया।
रणवीर- ओके मैडम।
रिया- व्हाट?
रणवीर- सॉरी रिया।
रिया- वैसे वहाँ कोई नहीं आता, पर कभी-कभी हम लोग पार्टी के लिये वहाँ आते है।
इसलिये सफाई का बिलकुल ध्यान रखना और बार तरफ बिलकुल मत जाना। डैड के पर्सनल कलेक्शन है, छूना भी मत।
रणवीर- जी बिल्कुल।

फोन कटते ही रणवीर ने अपने घर फोन लगाया और खुश खबरी सुनाई, लेकिन घर वालो के लिये ये कोई खुशी की बात नहीं थी। उनका तो कलेजे का टुकडा जो कभी शहर से बाहर नहीं गया था, वो आज हजारो किलोमीटर दूर था। फोन में मां बस रोती रही और रणवीर से लौट आने की गुहार लगाती रही, लेकिन रणवीर का इरादा पक्का था, सो उसने बीच में ही फोन काट दिया।

रणवीर को यह नौकरी रास आने लगी थी, दिन भर टीवी देखना, आराम करना, घूमना-फिरना, सोना, सफाई सफाई का क्या जब कोई गंदगी करने वाला ही नहीं है, तो सफाई क्या करना। इतने से काम के लिये उसे इतने सारे पैसे मिल रहे थे, सो वो नौकरी से बहुत खुश था।

अब रणवीर को नौकरी करते करते तीन महीने होने चले थे, लेकिन आज तक उस घर में कोई भी नहीं आया पर वेतन हर बार समय पर आ जाती थी। इसलिये रणवीर अपने शौक को पूरा करने के लिये थियेटर करने का निर्णय लिया और नया काम ढूंढने लगा। एक महीने की मेहनत के बाद उसे एक थियेटर में काम मिल गया और वह प्रैक्टिस में जाने लगा। इस तरह उसका दोनो काम अच्छे से चलने लगा। पंद्रह दिन की प्रैक्टिस के बाद अगले दिन उसका पह्ला शो था, वह खुशी खुशी घर लौट आया। घर आते ही दरबान ने बताया, कि आज बहुत देर से फोन बज रहा है और रिया मैडम बात करना चाहती है।

रणवीर जल्दी से अंदर गया और रिया को फोन लगाया।
रिया- व्हेयर आर यू इडियट? आई हैड काल्ड यू अ लॉट ऑफ टाइम।
रणवीर- सॉरी रिया, मै कुछ काम से बाहर गया था।
रिया- तुम एक मोबाइल क्यू नहीं ले लेते, दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिये।
रणवीर- ओके।
रिया- आज मैं और मेरे फ्रेण्ड वहाँ पार्टी करने आ रहे है, पूरी तैयारी कर लेना।
रणवीर- जी, क्या-क्या करना होगा?
रिया- खाना होटल से आ जायेगा, तुम बार, पूल और साफ सफाई देख लेना।
रणवीर- ओके।

फोन कटने के बाद रणवीर ने चारों तरफ नज़र घुमाया, अरे बाप रे हर तरफ गंदगी और उसने तो महीने भर से अच्छे से साफ सफाई भी नहीं की। वह तुरंत साफ सफाई में लग गया, लेकिन कल के शो क क्या होगा। लगभग 3 घंटे की सफाई के बाद उसने आराम की सांस ली और वह सोने चला गया, कि कुछ देर में फोन बजा। रिया ने बताया कि वो लोग आधे घंटे में वहाँ पहुंच जायेंगे और हाँ डांस करते बनता है, प्रैक्टिस कर लो।

अब तो रणवीर की नींद ही उड चुकी थी, वह जाकर काउच में बैठ गया और इंतेज़ार करने लगा। उसमें तो इतनी हिम्मत भी नहीं थी कि वह ठीक से खडा हो सके लेकिन डांस करना भगवान ही जाने। लगभग 1 घंटे बाद रिया और उसके वहाँ पहुंच गये। अरे, ये तो सिर्फ 15-20 लोग ही थे। सब पहुंचते ही काफी तेज म्युजिक शुरु हो गया और बार की ओर टूट पडे और रणवीर को बार अटेंडर बना दिया। जिस लडके ने अभी शराब को हाथ न लगाई हो, वो पेग बनाना क्या जानेगा। इसलिये वो कभी पेग में कम तो कभी शराब डाल देता था, जिसे देखकर रिया के दोस्तों में से एक ने रणवीर की जगह ले ली। और सबने जम के शराब पी। तभी उनमें से एक ने अपनी जेब से पाउडर जैसा कुछ निकाला और जोर से चिल्लाया। उसे देखकर जैसे सब के जोश दुगने हो गये।

रणवीर तो केवल रिया को ही देख रहा था, मॉडर्न ड्रेस में कितनी सुंदर लग रही थी। इसी बीच किसी ने उसे भी 1-2 पेग शराब पिला दी और उसमें अब कंट्रोल खोता जा रहा था।
तभी उसने देखा कि रिया और उसके कुछ दोस्त उस पाउडर को कागज से सहारे नाक में डाल रहे थे, वो कुछ समझ ही नहीं पाया। कि मुह मे लगाने वाला पाउडर ये लोग नाक से क्या कर रहे है। फिर डांस शुरु हो गया और रणवीर को भी जबरदस्ती डांस में पकड लिया गया। वह डांस करते करते इतना थक गया था, कि जाके सो गया और पार्टी चालू रही। लगभग 3 बजे सुबह रिया ने उसे जगाया और बताया कि वो लोग जा रहे है, बंगला लॉक कर लो। दरवाजा बंद करने के बाद वह सो गया।

अगले दिन सुबह 10 बजे डोरबेल से नींद खुली, जाकर देखा तो दरबान आया था और उसने आज के शो के बारे में याद दिलाया। अरे 10:30 बजे से तो शो है और रणवीर की हालत तो ऐसी थी, कि वो ठीक से खडा भी नहीं हो पा रहा था। किसी तरह खुद को सम्भाल के वह नहा-धोकर 11 बजे तक ही घर से निकल गया लेकिन जीवन का पहला शो और टाइम पर न पहुंच पाने का डर सता रहा था।….

(नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम आपके सुरक्षित भविष्य की कामना करते है।)
(आपको ये कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे आपके प्रतिक्रिया के आधार पर मैं जल्दी ही अगला भाग लाने की कोशिश करूंगा।)

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