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भाग -1 – https://abhirewadi.in/filmyrockers/
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रणवीर 11 बजे थियेटर के लिए निकल तो गया, लेकिन उसके मन में डर बना हुआ था। उसने सुना था कि गुरुजी बहुत गुस्से वाले है, पिछले साल उन्होंने एक एक्टर को देरी से आने के कारण ही निकाल दिया था और यह तो उसका पहला शो था। न कोई खास नाम, न पहचान और अगर उन्होंने निकाल दिया तो…..|

रणवीर कुछ ही देर में थियेटर पहुंच गया, शो शुरू चुका था लेकिन अभी उसका रोल नहीं आया था। वह जल्दी से कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हुआ, तभी गुरुजी वहाँ आये। गुरुजी उसे देखते ही बरस पडे, क्यूं साहब बहुत बडे एक्टर बन गये हो। पहले ही शो में देरी।
रणवीर- नहीं गुरुजी, कल प्रैक्टिस करते करते देरी से सोया था, तो आज नींद नहीं खुली।
गुरुजी- मुझे मत सिखाओ, मेरे बाल धूप में ऐसे ही सफेद नहीं हुये है। सुधर जाओ, नहीं तो ये ‘आखिरी मुलाकात’ सच में आखिरी न हो जाये।
रणवीर- आगे से ऐसा नहीं होगा।
गुरुजी- जाओ अपना स्थान सम्भालो।

रणवीर जाकर अपनी बारी का इंतेज़ार करने लगा। शो का नाम ‘आखिरी मुलाकात’ था, रणवीर के 5 मिनट के रोल में बहुत तालियां बजीं। वो एक ही दिन में मानो स्टार बन गया हो। शो खत्म होते ही वह अपने काम में लग गया, तभी गुरुजी ने उसे शब्बाशी दिया।

घर लौटते वक़्त आज रणवीर बहुत खुश था, आज पहली बार उसने कुछ नाम कमाया था।
घर पर पहुचा, तो दरबान ने बताया कि आज उसके घर से बार-बार फोन आ रहा है। वह दौडकर गया और घर में फोन लगाया। मां ने फोन उठाया- बताया कि पापा की तबियत बहुत खराब है और उन्हे कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। मां के रोते हुये लफ्ज़ उसे परेशान कर रहे थे। उसने रिया को फोन लगाया और 15 दिन की छुट्टी लेकर कानपुर के लिये निकल गया।

घर पर बेटे के आने की बात सुनकर संजय और उमा बहुत खुश थे, लेकिन संजय की तबीयत अब भी बहुत खराब थी। अस्पताल में जांच पूरी हो गई, लेकिन रिपोर्ट के इंतेज़ार में घर ले आये थे। रणवीर के घर पहुंचते ही खुशियो का माहौल आ गया, आज बेटा साल भर बाद घर लौट के आया है। अस्पताल में डॉक्टर ने बताया- कि पापा की किडनी में इंफेक्शन में हो गया है और अभी भर्ती न कराया गया तो किडनी खराब हो सकती है। इंफेक्शन के कारण शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान हो सकता है। पापा को जल्द ही अस्पताल में भर्ती कराया गया, देखते ही देखते पापा की सेविंग और मेरे लाये हुये पैसे जैसे उडन छू हो गये।

अब 15 दिन बीतने लगे थे और पापा की तबीयत में थोडा सुधार आया था, लेकिन डॉक्टर ने नियमित चेक अप की सलाह दी। रणवीर अगले दिन मुम्बई आ गया। लेकिन अब उसके मन में पहले वाले हाव भाव गायब थे। अब उसको किसी भी तरह पैसे कमाने थे। वह पेंट हाउस पहुंचकर रिया को अपने आने की जानकारी दी। रिया ने बताया कि अगले दिन वहाँ एक पार्टी है, जिसमे 100 लोग शामिल होंगे।

रणवीर पार्टी की तैयारी में जुट गया, कुछ ही देर में फोन की घंटी बजी।
रणवीर- हेलो, कौन बोल रहे है?
मैं आकाश।
रणवीर- कैसे हो?
आकाश- मेरी छोडो, तुम कहाँ गायब हो, कोई खबर नहीं। गुरुजी नाराज़ है, बोले कि शो के पहले ही देरी से आया था। अब तो स्टार बन गया है, लगता है लम्बी छुट्टी देनी पडेगी।
रणवीर ने कानपुर जाने और पापा के तबियत की जानकारी दी और 3-4 दिन में आने की बात कहीं।

अगले दिन सुबह से ही रणवीर पार्टी की तैयारी में व्यस्त हो गया। घर की, पूल की साफ-सफाई, बाज़ार से सामान की खरीदारी। देखते-देखते शाम के 6 बज गये, वह भी थककर सो गया। 9 बजे तक मेहमान घर में आने लगे, रिया भी कुछ ही देर में पहुंच गई। आज वो नीले गाउन में कमाल लग रही थी, लेकिन आज तो रणवीर का मन शायद वहाँ था ही नहीं। धीरे-धीरे पार्टी शुरु हो गई। रिया ने उसे एक थैला दिया और तैयार होने के लिये कहा।

रिया उसके लिये कुछ नये कपडे लेकर आयी थी, रणवीर भी कुछ ही देर में तैयार हो गया।
बाहर जाकर देखा, तो राणा साहब भी आ चुके थे। आज राणा साहब का जन्मदिन था, रणवीर ने उनके पैर छूकर आशिर्वाद लिया और जन्मदिन की बधाई दी। धीरे-धीरे पार्टी शुरु हो गई, फिर वही डांस, शराब का दौर शुरु हो गया। लगभग 3 बजे तक धीरे-धीरे सब घर जा चुके थे। अगले दिन रणवीर थियेटर गया और गुरुजी से माफी मांगी और उन्हे अपनी समस्या से अवगत कराया।

अब रणवीर का जीवन पटरी पर चलने लगी, उसे राणा जी के वेतन के साथ-साथ थियेटर से भी ठीक कमाई होने लगी। लेकिन फिर भी घर के हालातों और अस्पताल के खर्च के लिये पैसे कम पडते थे। जिसके कारण वह तनाव में रहने लगा। इधर अब रिया की आये दिन पार्टी होने लगी, जिसमे रणवीर को हर हाल में साथ रहना पडता। तो रणवीर भी शराब के साथ कभी-कभी ड्रग्स ले लेता था। कभी-कभी वह भी ड्रग्स खरीदने जाता। ड्रग्स और नशे के कारण अब थियेटर का काम भी प्रभावित होने लगा, जिससे वहा से भी काम से निकाल दिया गया।

जिस कारण अब रणवीर की पैसे की चाहत बढने लगी, उसके समस्या का फायदा सब उठाने की कोशिश करने लगे। तब एक ड्रग पेडलर ने उसे ड्रग्स बेचने के लिये कहा और अच्छा मुनाफे का लालच दिया। लेकिन उसने ड्रग्स बेचने से इंकार कर दिया। अब घर की माली हालत और खराब हो गई, जब रणवीर ने रिया से मदद मांगी, तो रिया ने उसका वेतन 5000रु बढा दिया। लेकिन अभी भी रणवीर की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही थी। जिस कारण उसने पूरक नौकरी ढूढने लगा। इस बीच वह फिर से थियेटर करना चाहा, लेकिन वहाँ भी उसे खाली हाथ लौटना पडा।

ठीक से इलाज न होने के कारण पापा की हालत और ज्यादा खराब हो गई। जिसके कारण उसकी बहन भी पास की दुकान में काम करने लगी, जो रणवीर को बिल्कुल भी रास नहीं आया। रणवीर को कोई काम नही मिल रहा था, जिससे वह अधिक तनाव में रहने लगा और अधिक शराब पीने लगा।….

(आगे रणवीर के साथ क्या होने वाला है, जानने के लिये कहानी का अगले भाग का इंतेज़ार करे।)
(नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम आपके सुरक्षित भविष्य की कामना करते है।)

(आपको ये कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे आपके प्रतिक्रिया के आधार पर मैं जल्दी ही अगला भाग लाने की कोशिश करूंगा।)

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