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रणवीर को कोई काम नही मिल रहा था, जिससे वह अधिक तनाव में रहने लगा और अधिक शराब पीने लगा। अब उसने ड्रग्स के कारोबार में उतरने का निर्णय कर लिया और जाकर ड्रग पेडलर रघु से मिला। रघु एक छोटा सा ड्रग पेडलर है, जो वसीम भाई के लिए काम करता है। वसीम भाई जूहू के आस पास का एक बड़ा नाम था, जो कि जूहू और उसके पास के क्षेत्रों में ड्रग्स माफिया का बादशाह था। रघु उसे वसीम भाई के पास ले गया और पहली बार वसीम ने उसे 2 लाख का माल दिया, जिसमे उसे 50 हजार रुपए का कमीशन मिलना था।

रणवीर ने उसको मिले पते पर माल पहुंचा दिया और पैसे लेकर वसीम भाई के पास आया। वसीम ने उसे कमीशन दिया और ज्यादा पैसे के लिए ज्यादा काम के लिए कहा। रणवीर पैसे लेकर घर आ गया। उसे यह काम बहुत ही आसान लगा और पैसे भी तो इतने सारे मिल रहे थे। अब तो रणवीर रोजाना वसीम भाई के अड्डे पर जाने लगा और उसका कमीशन भी बढ़ने लगा था। कभी कभी वह रिया को भी ड्रग्स बेचकर पैसे कमा लेता था। लगभग तीन महीने के इलाज के बाद अब पापा की भी तबियत ठीक होने लगी थी। लेकिन अब रणवीर की भूख बढ़ती जा रही थी।

धीरे धीरे रणवीर की गिनती जूहू के बड़े ड्रग पेडलरो में सुमार होने लगा था और वह बहुत पैसे कमाने लगा था। लेकिन उसे मुंबई में पैसे रखने के लिए एक सुरक्षित जगह की जरूरत थी, इसलिए उसने राणा साहब का काम अभी भी नही छोड़ा था। ड्रग्स के कारोबार में उसे 2 साल का समय बीतने लगा था, इसी बीच उसे सोनिया नाम की लड़की से प्यार हो गया।

एक दिन रणवीर पास के ही बार में दोस्तो के साथ पार्टी करने गया, वहां उसकी नजर सोनिया पर पड़ी। ब्लैक शॉर्ट सिंगल पीस ड्रेस में डीजे की तेज म्यूजिक में उसका वह डांस देखकर उसकी नजर ही अटक गई। उसका दिल जोरो से धड़कने लगा था, मानो डीजे की जगह उसका दिल बज रहा है। वह निर्णय नहीं ले पा रहा था कि म्यूजिक फास्ट है या उसका दिल या सोनिया की स्पीड। तभी बार में कुछ मनचलो का झुंड आया और सभी से बदतमीजी करने लगे। उनमें से एक लड़का सोनिया की तरफ बढ़ने ही वाला था, कि रणवीर ने अपने जेब से बंदूक निकालकर उसे इशारा किया और वह चला गया। उस रात वह एक टक सोनिया को देखते ही जा रहा था, लेकिन शायद सोनिया ने नोटिस नही किया।

रणवीर ने बार मैनेजर से उस लड़की के बारे में सारी जानकारी ली और उसके पीछे लग गया। कुछ ही दिनों में सोनिया और रणवीर का प्यार परवान चढ़ने लगा। सोनिया मुंबई में ही बांद्रा की रहने वाली थी और वो रणवीर से बहुत प्रभावित थी। दोनो अक्सर घंटो बाते करते रहते थे, हमेशा साथ में फिल्मे देखना, घूमना फिरना, पिकनिक जाना। जिसके कारण अब उसका वसीम भाई के अड्डे पर जाना कम होने लगा।

एक दिन रघु उससे मिलने राणा साहब के बंगले में आया।
रणवीर – कैसा है भाई।
रघु – मैं तो ठीक हूं, लेकिन वसीम भाई ठीक नहीं है।
रणवीर – क्यूं, क्या हुआ वसीम भाई को? सब खैरियत तो है न।
रघु – तू कहाँ है इतने दिनो से। आज कल अड्डे नही आता।
रणवीर – कुछ नही यार थोड़ा बिजी हूं, आज कल कुछ काम आ गया था।
रघु – तेरा काम पता है मुझको। सोनिया अच्छी लड़की है, लेकिन वसीम भाई अच्छे नहीं है।

सोनिया का नाम सुनते ही रणवीर चौक गया। सोनिया… तुम सोनिया को कैसे जानते हो। रघु – अक्खा जूहू अपनाइच एरिया है, इधर एक चिड़िया भी इंटर करती है तो वसीम भाई से परमिशन लेकर, और ये तो पूरी चिकन तंदूरी है।
रणवीर – तू जा मैं कल अड्डे पर आता हूं।
रघु – कल जरूर आना, वरना वसीम भाई मगरमच्छ है, चिकन तंदूरी खा के डकार भी नहीं लेगा।

अगले दिन वह वसीम भाई के अड्डे के लिए निकला, वह अंदर से डरा हुआ था, इसलिए उसने अपनी बंदूक साथ में ले ली।
रणवीर – सलाम भाई।
वसीम – सलाम, क्यू रे तू इतना बड़ा बन गया है, कि बाप के सामने घोड़ा लेकर आया है।
रणवीर – नहीं भाई, वो तो मैं ऐसे ही साथ लेकर चलता हूं, बोले तो इंप्रेशन मस्त जमता है।
वसीम – हा घोड़े से ही सोनिया को इंप्रेस किया है न तूने।
रणवीर जरा चौका, फिर नहीं भाई।
वसीम – ये भूलना मत, कि मेरे वसीम किसी का घर बसा और उजाड़ सकता है। ले ये डिलीवरी इस पते पर पहुंचा के आना है।

रणवीर फिर से वसीम भाई के काम में लग गया और उधर उसका प्यार का खुमार बढ़ता जा रहा था। दोनो ने शादी करने की प्लानिंग भी कर ली, अब बस दोनो के घर वालो की रजामंदी बाकी थी। पापा के बीमारी के बाद उसकी बहन का विवाह भी जल्द हो गई थी। अब रणवीर ने घर वालो से सोनिया के बारे में बात करने की ठान ली थी, लेकिन वह चाहता था कि पहले सोनिया अपने घर वालो से बात करे। लेकिन सोनिया के डैड बहुत ही गुस्सैल थे, और सोनिया के ड्रग एडिशन के कारण उससे हमेशा नाराज रहते थे, जिस कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। रणवीर अब जल्द से जल्द शादी करना चाहता था, इसलिए उसने शादी और घर खरीदने के लिए पैसे इकट्ठे करने शुरू कर दिए।

अब रणवीर पहले से ज्यादा काम करने लगा था और खतरनाक तथा बड़े बड़े काम हाथ लेने लगा। एक बार वसीम भाई ने उसे नए ड्रग के कनसाइनमेंट के बारे में बताया, जिसमे कम माल की डिलीवरी में बहुत पैसा मिलना था। जो उसे बांद्रा के पास एक क्लब में पहुंचाना था। उसने माल को क्लब में पहुंचा दिया और एक छोटी सी पुड़िया निकालकर सोनिया को दिया।

अगले दिन उसने समाचार में देखा कि उसी क्लब में नशीली दवाओं के सेवन के कारण 8 लोगो की मौत हो गई और 20 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए। वह बहुत डर गया और वसीम भाई के पास जाने लगा। तभी अचानक उसे याद आया कि उसने इसी ड्रग की एक पुड़िया तो सोनिया को भी दिया है, उसके तो होश उड़ गए। उसने तुरंत उसे फोन लगाया, लेकिन फोन नही उठा। वह घबरा गया और जल्दी ही उसके घर पहुंच गया। जहां उसके अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी उसे मिली। वह अस्पताल गया और…..।

(आगे रणवीर के साथ क्या होने वाला है, जानने के लिये कहानी का अगले भाग का इंतेज़ार करे।)(नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम आपके सुरक्षित भविष्य की कामना करते है।) (आपको ये कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे आपके प्रतिक्रिया के आधार पर मैं जल्दी ही अगला भाग लाने की कोशिश करूंगा।)

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