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रणवीर को फिल्म मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। घर मे दोस्तो और शुभचिंतको की लाइन लग गई, लेकिन रणवीर के मन मे कुछ और ही ख्याल पक रहा था। उसके मन को यही बात खाये जा रही थी, कि अब आगे क्या होगा? इस खुशी के बदले अब जीवन में कौन सा गम आने वाला है। वह अपने काम मे दिनभर बिजी रहता, उसके शो की लोकप्रियता दिनो-दिन बढती जा रही थी। लेकिन उसका मन शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। वह रोज मंदिर जाने लगा, भगवान से सब कि सलामती की दुआ करने लगा और इसी तरह दिन कटने लगे।

इस बात को छह महिने से अधिक बीत चुके थे और उसकी फिल्म की शूटिंग भी शुरु हो चुकी थी। लेकिन उसका मन अभी भी उसी बात पर बेचैन था। एक दिन रणवीर को मां का फोन आया, मां ने उसे पापा की तबियत और बिगड जाने की तथा अपने साथ मुम्बई ले जाने की बात कही। यह बात सुनकर उसकी आशंका को बल मिल गया और उसे पिता के चले जाने का डर सताने लगा। वह जल्दी ही पापा को मुम्बई इलाज कराने ले आया। अब वह अपने डर के आधार पर पिता की सलामती के लिये मंदिर, मस्जिद, झाड-फूंक सब जगह चक्कर मारने लगा।

कुछ दिनो बाद उसकी पहली फिल्म दिल, दिलरुबा और दोस्ती रिलीज हुई, जो एक लव थ्रिलर फिल्म थी। जिसे दर्शको ने खूब सराहा, इसके बाद उसे 2-3 और फिल्मो के असाइनमेंट मिले। इसके बाद उसने पीछे मुड के नही देखा और अपने अभिनय का लोहा फिल्म जगत मे मनवाने लगा। इधर उसके पिता की हालत मे भी काफी सुधार हुआ। वह अपने काम मे मसगूल जैसे उसे दुनिया से कोई लेना देना ही न रहा। लेकिन उसकी तकदीर उसे ऐसे कैसे छोड देती।

इस बार तकदीर ने दोगुनी खुशी के बदले उस पर दोतरफा प्रहार किया, जो उसके जीवन मे पहली फिल्म की हिरोइन रिदिमा और वसीम भाई के रूप मे आया। फिल्म के दौरान उसके और रिदिमा के लव केमिस्ट्री का चर्चा बहुत पॉपुलर हुआ था। फिल्म तो काफी सफल रही, लेकिन रिदिमा को खास प्रतिक्रिया नहीं मिला। जिसके बाद उसने रणवीर के ऊपर काम दिलाने का दबाव बनाने लगी और डिप्रेशन मे ड्रग्स लेने लगी। रणवीर की किस्मत ने फिर से पलटी मारी और बडी मुश्किल से वह ड्रग्स से छुटकारा पाया था, लेकिन रिदिमा के कारण फिर से ड्रग्स के दलदल मे जाना पडा।

अब जब तालाब मे नहाना है, तो मगरमच्छ से कब तक बचा जा सकता है। जिस कारण उसकी जिंदगी मे फिर से वसीम भाई की एंट्री हुई। कुछ दिन पहले ही मुम्बई नार्कोटिक्स पुलिस के छापे मे वसीम के करोडो की ड्रग्स की खेप जब्त हो गई और पुलिस की गोली से रघु की मौत हो गई थी। वसीम भी रणवीर की सफलता के बारे मे जानता था, उसने अपने नुक्सान को पाटने का जरिया रणवीर को बनाया। वह रणवीर को पुलिस को सब कुछ बताने और उसके ड्रग पेडलर होने की बात और जूहू केस मे उसका हाथ होने की बात को लेकर ब्लैकमेल करने लगा। उसके पास रणवीर की कुछ पुरानी फोटोग्राफ भी थी, जो रणवीर का कैरियर चौपट करने के लिये और जेल भेजने के लिये पर्याप्त थे।

रणवीर, रिदिमा को हालत को लेकर तनाव मे था ही और ऊपर से वसीम नाम का भूत। वसीम ने उससे दो करोड की फिरौती मांगी, जो उस समय रणवीर के लिये बहुत बडी रकम नहीं थी। इसी बीच रणवीर की दो और फिल्मो ने धमाल मचाई थी, जिसके बाद उसके पास जैसे काम की बाढ सी आ गई थी, जिससे कारण वह बिजी रहता था। लेकिन वसीम उसका पीछा छोडने के लिये राजी ही नहीं था और उसके खिलाफ वह पुलिस में भी नहीं जा सकता था। अब उसे एक विश्वास पात्र दोस्त की याद आई, जिससे उसे सही मदद मिलने की उम्मीद थी। रणवीर उससे मिलने घर गया और घंटी बजाई।
रिया- ओहो! व्हाट अ सरप्राइज। गाडी-वाडी पंचर हो गई क्या, या पेट्रोल खत्म हो गया।
रणवीर- अरे! छोडो। अंदर बुलाओगी भी, कि बाहर से ही चला जाऊ।
रिया- ओके कम, सुपरस्टार जी।
रणवीर- कैसी हो, तुम तो बिल्कुल टिपिकल मॉम लगने लगी।
रिया- हाँ यार! बच्चो को सम्भालना आसान नहीं है।
रिया- कैसे आना हुआ?
रणवीर- कुछ मदद चाहिये थी।
उसने रिया को अपने और वसीम का भूतकाल और वर्तमान की सारी बातें बता दी। रिया भी सुनकर हैरान हो गई।
रिया- मतलब, तुमने हमारे पेन्ट हाउस मे ये सब भी किया है। आर यू आउट ऑफ योर माइंड। डैड को बताऊं क्या?
रणवीर- नहीं यार, इससे अच्छा तो पुलिस के हवाले ही कर दो।

कुछ देर दोनो शांत बैठे रहे।
रणवीर- यार, कुछ तो मदद करो। क्या मै वसीम को फिरौती दे दूं।
रिया- इसमे क्या गारंटी है, कि एक बार वो पैसा पाकर दोबारा ब्लैकमेल नहीं करेगा।
रणवीर- यही तो प्रॉब्लम है, सांप के हाथ मे खुद ही हाथ डालने जैसा है।
रिया- मै अविनाश से बात करती हूँ, देखते है क्या हो सकता है?

रिया से मिले हुये एक हफ्ते से अधिक हो गये, लेकिन अभी तक उसका फोन नहीं आया। रणवीर को अगली फिल्म की शूटिंग के लिये एक महिने के लिये आस्ट्रेलिया जाना था, इसलिये उसने रिया को फोन किया।
रणवीर- क्या हुआ रिया, तुमने कुछ बताया कि नहीं।
रिया- नहीं यार, मेरी उनसे बात नहीं तो पाई, वो पांच दिन से बिजनेस के सिलसिले में लंडन गये है।
रणवीर- मैं कल फिल्म शूट के काम से आस्ट्रेलिया जा रहा हूँ, कुछ होगा तो कॉल करना।
रिया- ओके! हैप्पी जर्नी, बाय।

रणवीर शूटिंग के लिये आस्ट्रेलिया चला गया, लेकिन वहाँ भी भूत ने पीछा नहीं छोडा। वहाँ भी वसीम के रोज़ फोन आते रहते। अभी उसको शूट पर गये दस दिन ही हुये थे, कि एक और बुरी खबर उसके पास पहुंची। रिदिमा को डिप्रेशन और हाई ड्र्ग्स लेने के कारण अस्पताल मे भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत काफी नाजुक थी। वह अपना शूट शेड्यूल खत्म करके इण्डिया के लिये चला, फ्लाइट में ही उसे पापा के इंतकाल की खबर मिली। जिससे वह परिवार के साथ सीधे कानपुर के लिये निकल गया। इसी बीच उसने वसीम से छुटकारा पाने के लिये डेढ करोड की फिरौती दी। जिसके बाद वसीम ने कुछ दिनो के लिये पीछा छोड दिया।

मुम्बई लौटने के बाद वह अगली फिल्म की शूटिंग मे व्यस्त हो गया, लेकिन पापा की मौत उसके लिये असहन योग्य थी। उसको लगने लगा कि उसे पहले से पता होने के बावजूद उसने लापरवाही की, जिसके कारण पापा की मौत हो गई। इधर रिदिमा की हालत मे काफी सुधार होने लगा, रणवीर ने उसे रीहैब सेंटर मे भेज दिया। रणवीर की एक और फिल्म रिलीज हुई। फिल्म को क्रिटिक्स की सकारात्मक रेटिंग के बावजूद उसकी फिल्म बुरी तरह पिट गई। जिसके बाद उसकी एक और फिल्म फ्लॉप हो गई। जिसके बाद वह तनाव में रहने लगा, हालांकि इसके बाद उसकी फिल्म जिसकी शूटिंग आस्ट्रेलिया में हुई थी, सुपरहिट हुई।

रणवीर अपने पिता की मौत और फिल्मो की असफलता से उबर नहीं पा रहा था। रिदिमा भी रीहैब सेंटर से भाग निकली और अपने इस हालत का जिम्मेदार उसको बताया, जिसके बाद उसकी मीडिया मे बहुत बदनामी हुई और कुछ फिल्मे भी हाथ से निकल गई। जिस कारण साल भर से वह डिप्रेशन में था। जिसके लिये मानसिक इलाज लेने लगा। वसीम ने फिर से रणवीर को ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया। रणवीर ने इन सब से बचने के लिये बहुत प्रयास किया, महिनो यात्रा पर निकल जाता, तो कभी ब्रेक लेकर कानपुर आ जाता। लेकिन ये सब प्रयास बेकार रहे।

अंतत: न चाहते हुये भी उसने ड्रग्स लेना शुरु कर दिया। उसकी फिल्मे बॉक्स ऑफिस नये मुकाम हासिल कर रही थी, लेकिन असल जीवन मे सब कुछ खोने लगा था। पिता की मौत का जिम्मेदार, मीडिया की बदनामी, वसीम का तनाव और पुलिस एवं जेल जाने का डर जैसे अंदर ही अंदर उसे खाये जा रहे थे। उसने इन सबसे बचने के लिये नशे का सहारा लिया। वह दिन भर नशे मे धुत रहने लगे। न समय पर शूट पर जाता और न ही लोगो से अच्छे से व्यवहार करता था। जिससे उसके कुछ हितकर व्यक्ति भी उससे दूरियां बनाने लगे। जो उसे और ज्यादा परेशान करने लगा।

एक रात रणवीर नशे में धुत अपने फ्लैट मे आया और सो गया। अगले दिन सुबह बारह बज चुके थे, उसकी फिल्म का शूट सुबह आठ बजे से था। सुबह से फोन और मोबाइल की घंटियो ने बजना बंद नहीं किया था, ऐसा लग रहा था जैसे ये घण्टियां आखिरी बार बज रही हो। लगभग दो बजे उसका मैनेजर उसे ढूंढते हुये उसके फ्लैट मे पहुंचा। पडोसियो ने बताया, कि सुबह से फोन की घंटिया बज रही है और रणवीर है कि नशे मे धुत होकर पडा रहता है। मैनेजर फ्लैट मे गया, फोन की घंटी बज रही थी। उसने देखा कि इन फोन की घंटियो को चुप करने ही आज चुप हो गया था।

यह खबर सुनकर सारा फिल्म जगत चकित था, सभी अभिनायको ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाये दी। आज भारत माता मे अपने एक होनहार बेटे को खो दिया।

(नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम किसी भी प्रकार से नशे का समर्थन नहीं करते है। हम आपके सुरक्षित भविष्य की कामना करते है।)

****समाप्त****

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