A beautiful line compairing my love with moon.
 
चंद्र चंचल चांदनी, चंदन सम चकोर,
दृश्य मनोरम दृष्टया, हम होवे मनभोर।।
 
      कविता-   ‘पूनम का चाँद’
 
तेरे चांद से रोशन चेहरे पर, अमावस सी बालों की घटा,
 
रोज बदलती मुस्कान तेरी,नज़रों की अदा का क्या कहना,
 
पूनम सा चमकता तेरा बदन,कर रहा है मेरे मन को मगन,
 
लबों पर बिखरी सूरज की लाली, ग्रहण लगाती ये अश्क काली-काली,
 
गालों को छलती जुल्फों की छाव, जैसे उतरा हो चांद पर नील आर्मस्ट्रांग,
 
दिल खा धोखा जब नज़र पड़ी उनपे, जैसे अमावस में चांदनी बरसती हो उनसे।।
One thought on “Poonam ka chand”

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